सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की मान्यता के अनुसार कुछ चीजें शाश्वत (eternal) मानी जाती हैं—जो सृष्टि के आरंभ से लेकर अंत तक बनी रहती हैं।
🌿 सनातन धर्म में क्या “अमर/शाश्वत” माना जाता है?
1. 🕉️ आत्मा (Soul)
सनातन धर्म के अनुसार आत्मा कभी नष्ट नहीं होती।
यह शरीर बदलती रहती है, लेकिन आत्मा जन्म और मृत्यु के चक्र से गुजरती रहती है।Life Insurance
👉 गीता में कहा गया है कि आत्मा:
- न जन्म लेती है
- न मरती है
- यह केवल शरीर बदलती हैसनातन धर्म
2. 🌌 ब्रह्म (Ultimate Reality / ईश्वर का निराकार स्वरूप)
सनातन दर्शन में ब्रह्म को शाश्वत और सर्वव्यापी माना गया है।
यह वही अंतिम सत्य है जिससे पूरी सृष्टि उत्पन्न होती है और जिसमें अंत में विलीन हो जाती है।Budget Flights
3. ⚖️ धर्म (Cosmic Order)
“धर्म” का अर्थ केवल पूजा नहीं, बल्कि सृष्टि का संतुलन और नियम है।
माना जाता है कि जब तक सृष्टि है, तब तक धर्म का सिद्धांत भी बना रहता है।
4. 🔄 कर्म का सिद्धांत
कर्म (Action and its result) का नियम भी शाश्वत माना जाता है।
हर कार्य का फल मिलता है—यह नियम सृष्टि के हर युग में लागू रहता है।
🧠 सरल शब्दों में:
सनातन धर्म के अनुसार—
- आत्मा अमर है
- ब्रह्म शाश्वत सत्य है
- धर्म और कर्म के नियम हमेशा बने रहते हैं
- केवल शरीर और दुनिया बदलती रहती है
